शासकीय वनभूमि पर सीना ठोक कब्जा कर रहे भू-माफिया.! : इन्हें नही है किसी का ख़ौफ़..?
Shubh Arvind Sharma
Thu, Jan 29, 2026
शासकीय वनभूमि पर सीना ठोक कब्जा कर रहे भू-माफिया.! इन्हें नही है किसी का ख़ौफ़..?
कटघोरा:-शासकीय सम्पति वनभूमि पर भू- माफिया ऐसे कब्जा कर रहे हैं मानो शासकीय वनभूमि उनके बाप दादाओं की जागीर हो.? वे ऐसा इसलिए कर सकते हैं क्योंकि सरकारी नोकरशाह शासकीय भूमि की सुरक्षा करने में नामुराद है। बड़े पैमाने पर भू-माफिया तथा तथाकथित लोग शासकीय वनभूमि पर अपनी हुकूमत बया कर बेख़ौफ़ कब्जा कर रहे हैं।इतना ही नही कथित तौर पर कुछ तथाकथित लोग शासकीय वनभूमि की कीमत तय कर उसे लाखो रुपये मे बिक्री तक कर रहे हैं,ये सारा खेल खुलेआम चरितार्थ है लेकिन मजाल है कोई सरकारी नोकरशाह इस खेल पर लगाम लगा दे.? बहरहाल कटघोरा वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने शासकीय वनभूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर कुछ कब्जो पर दखल देते हुए कार्यवाही की कवायत की है।अब इस कार्यवाही का असर कितना होगा ये कह पाना मुश्किल है लेकिन कयास लगाये जा रहे हैं कि कुमार निशांत अवैध कार्य कतई बर्दाश्त नही करते बल्कि अवैध कार्यो पर कार्यवाही करने वाले अधिकारियों की श्रेणी में शामिल हैं,तो शासकीय वनभूमि पर अवैध कब्जा करने वाले रसूखदारों की सामत तय है।

कटघोरा वन विभाग के अंतर्गत कई इलाकों में शासकीय वनभूमि बड़े पैमाने पर मौजूद हैं जहाँ शासकीय वनभूमि की खरीद फरोख्त व कब्जे का खेल बेख़ौफ़ जारी है।अभी हाल ही में ब्लाक पौड़ी उपरोड़ा के एक ग्राम पंचायत के कोटवार द्वारा शासकीय वनभूमि पर जारी अवैध कब्जों को लेकर कटघोरा वनमंडलाधिकारी के समक्ष शिकायत पेश की गई थी,जिसमे जिक्र था कि शासकीय वनभूमि पर शासकीय कर्मचारी व कुछ तथाकथित लोगो के द्वारा बेखोफ रूप से शासकीय वनभूमि पर पक्का मकान बनाकर कब्जा किया जा रहा है।अब जहां सरकारी कर्मचारी ही सरकार के नियम कायदों की धज्जी उड़ाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं वहाँ आम आदमी की क्या बिसात.! कोटवार की शिकायत पर कटघोरा वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अवैध निर्माण कार्यों पर रोक लगाते हुए जांच के आदेश जारी किए थे।अब इसमें आगामी क्या कार्यवाही हुई ये कह पाना मुश्किल है।
कथित तौर पर कटघोरा व पौड़ी ब्लाक के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में वनभूमि पर कब्जे का खेल निरंतर जारी है इतना ही नहीं कही पर तो तथाकथित लोग शासकीय वनभूमि की कीमत तय उसकी बिक्री तक कर दे रहे हैं,इन्हें सरकार के नियम कानून कायदों का जरा भी ख़ौफ़ नहीं है।जानकारों की माने तो सरकारी भूमि पर कब्जा का खेल बड़े पैमाने पर जारी है जहां भू माफिया व रसूखदार शासकीय भूमि पर कब्जा कर लाखो रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं।

वनमंडलाधिकारी के एक्शन लेते ही अवैध निर्माण कार्य तो बन्द हो गए,लेकिन सवाल ये है कि क्या वनभूमि अवैध कब्जा धरियो से मुक्त कराई जाएगी या महज खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली जाएगी..? गौरतलब है कि बीते वर्ष 2020-21 में कटघोरा वनमंडलाधिकारी के द्वारा अवैध वनभूमि पर जारी अवैध कब्जों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए वनभूमि को मुक्त कराया गया था।बहरहाल कटघोरा के तेजतर्रार वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत अपनी साफ व उत्कृष्ट छवि से जाने जाते हैं ये अवैध कार्य व अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्यवाही करते हैं।अब देखना ये होगा कि प्राप्त शिकायतों पर कुमार निशांत किस तरह की कार्यवाही करते हैं।
👉क्या वन भूमि भू- माफियाओ व रसूखदारो के कब्जे से मुक्त होगी या उनका कब्जा निरंतर जारी रहेगा.?
👉 क्या वनभूमि पर अवैध कब्जों का खेल रुकेगा या जारी रहेगा.?
👉क्या शिकायतो पर कार्यवाही होगी या वे दफ्तरों में गुम हो जाएगी.?
तमाम सवालो पर जनता की नजरें टिकी हुई है, अब देखना ये होगा कि वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत किस तरह की कार्यवाही करते हैं और अवैध कब्जों पर किस तरह लगाम लगेगी।
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