कटघोरा थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू का अल्पकालिक स्थानांतरण: : व्यवस्था के चक्र के आगे सिसकती जनभावनाएं और नए कप्तान की प्रशासनिक दूरदर्शिता
Shubh Arvind Sharma
Fri, Sep 11, 2026
कटघोरा थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू का अल्पकालिक स्थानांतरण: व्यवस्था के चक्र के आगे सिसकती जनभावनाएं और नए कप्तान की प्रशासनिक दूरदर्शिता

कटघोरा। प्रशासनिक शुचिता और व्यवस्था के नाम पर खींची गई लकीरें कभी-कभी जनभावनाओं पर कितनी भारी पड़ती हैं, इसका ताजा उदाहरण कटघोरा में देखने को मिला है। कोरबा पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ तिवारी द्वारा जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत कटघोरा थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू का स्थानांतरण कर दिया गया है। उनकी जगह अब उप निरीक्षक राजेश तिवारी को कटघोरा थाने की नई कमान सौंपी गई है।
अपनी कर्तव्यनिष्ठा और अपराधियों के खिलाफ वज्रपात बनकर उभरे निर्भीक थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू का यह बदलाव केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक समूचे अंचल के विश्वास पर गहरा असर छोड़ गया है। विडंबना देखिए कि उन्हें यहां आए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था, और इससे पहले कि न्याय की उम्मीदें पूरी तरह परवान चढ़तीं, व्यवस्था के इस चक्र ने उनकी विदाई की पटकथा लिख दी।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ तिवारी की उच्च प्रशासनिक दूरदर्शिता
इस पूरे फेरबदल के पीछे एसपी सिद्धार्थ तिवारी की एक सार्थक और उच्च प्रशासनिक दूरदर्शिता स्पष्ट दिखाई देती है। जिले के सर्वोच्च पुलिस अधिकारी के रूप में कप्तान का यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि पूरे जिले की सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक दृष्टिकोण से संतुलित करने का एक सुविचारित प्रयास है।
अंचल के प्रबुद्ध जन इस बात को भली-भांति समझते हैं कि एसपी सिद्धार्थ तिवारी के कंधों पर पूरे कोरबा जिले की शांति व्यवस्था का भारी दारोमदार है। एक कुशल रणनीतिकार की तरह, उन्होंने जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही प्रेमचंद साहू जैसे कर्मठ और जांबाज अधिकारी को नई व बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। यह स्थानांतरण प्रशासनिक कसावट लाने और अपराध नियंत्रण के लिए एसपी की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, ताकि जिले के हर कोने को एक समान न्याय और सुरक्षा मिल सके।

अल्प प्रवास, अमिट छाप: एक महीने की अधूरी साधना
निवर्तमान थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने जब कटघोरा की माटी पर कदम रखा था, तब क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां थीं। उन्होंने बेहद कम समय में न केवल कटघोरा की नब्ज और भौगोलिक समीकरणों को समझने का प्रयास किया, बल्कि अपराधियों के भीतर कानून का ऐसा खौफ पैदा किया कि अराजक तत्व भूमिगत होने लगे।
एक ईमानदार अधिकारी अभी अंचल की समस्याओं की गहराई को माप ही रहा था, जनता से उनका आत्मीय संवाद स्थापित हो ही रहा था कि अचानक आए इस स्थानांतरण ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। प्रबुद्ध जनों का मानना है कि किसी भी कर्मठ अधिकारी को अपनी कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए न्यूनतम समय तो मिलना ही चाहिए, अन्यथा व्यवस्था केवल 'आने-जाने' का खेल बनकर रह जाती है।

आगामी गणेशोत्सव: आस्था की दहलीज पर नई कमान और सुरक्षा की चुनौती
नगरवासियों की यह उदासी और चिंता आगामी गणेशोत्सव के पावन पर्व को लेकर और गहरी हो जाती है। कटघोरा की सांस्कृतिक विरासत में गणेश चतुर्थी का पर्व सामूहिक आस्था का सबसे बड़ा अनुष्ठान है, जहां भारी संख्या में जनमेदिनी उमड़ती है।
जनता इस बात से उद्वेलित थी कि त्योहार के ठीक मुहाने पर सुरक्षा का ताना-बाना बुन चुके अधिकारी का हटना क्या एक शून्य पैदा नहीं कर देगा? हालांकि, प्रबुद्ध नागरिकों को पूरा भरोसा है कि जिले के संवेदनशील कप्तान सिद्धार्थ तिवारी ने कटघोरा के इस बड़े पर्व के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पहले से ही सोच रखे हैं। इसी बड़ी जिम्मेदारी को निभाते हुए अब नए थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजेश तिवारी के सामने गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने की सबसे पहली और बड़ी चुनौती होगी।

एक विदाई जो कसक छोड़ गई, नई उम्मीदें बाकी
कटघोरा के चौराहे और गलियां आज मौन हैं, पर उस मौन में निवर्तमान प्रभारी के लिए एक गहरी आत्मीयता है। प्रेमचंद साहू ने अपनी अल्पायु सेवा में जो लकीर खींची है, वह आने वाले समय में एक मिसाल रहेगी। नगरवासी भारी मन से उन्हें विदा तो कर रहे हैं, लेकिन साथ ही नए थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजेश तिवारी का स्वागत करते हुए यह उम्मीद भी कर रहे हैं कि वे कटघोरा की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे तथा जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेंगे।
Tags :
कोरबा कटघोरा
विज्ञापन
विज्ञापन