Tuesday 28th of July 2026

ब्रेकिंग

ब्रॉन्ज' के नाम पर जनता को थमाया कंक्रीट; 13.60 लाख के महाघोटाले पर जिम्मेदार मोन.! सियासत गरम.?

भ्रष्टाचार पर CMO और अध्यक्ष ने साधी चुप्पी, नहीं उठाया फोन

नगर पंचायत छुरीकला में अवैध कब्जे के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत

डॉ. हिमांशु खुटिया ने सिकल सेल व हार्ड की समस्या से पीड़ित मरीज का किया सफल हिप रिप्लेसमेंट

पुरानी रंजिश में चाकू से जानलेवा हमला करने वाले को 5 साल की कठोर सजा,

सुचना

Welcome to the Sharma News, for Advertisement call +91-7879549029

कटघोरा नगर पालिका का महापाप: : ब्रॉन्ज' के नाम पर जनता को थमाया कंक्रीट; 13.60 लाख के महाघोटाले पर जिम्मेदार मोन.! सियासत गरम.?

Shubh Arvind Sharma

Tue, Jul 28, 2026

कटघोरा नगर पालिका का महापाप: 'ब्रॉन्ज' के नाम पर जनता को थमाया कंक्रीट; 13.60 लाख के महाघोटाले पर जिम्मेदार मोन.! सियासत गरम.?

कटघोरा। कटघोरा नगर पालिका में भ्रष्टाचार की जड़ें इस कदर गहरी हो चुकी हैं कि अब भ्रष्टाचारियों को महापुरुषों के सम्मान का सौदा करने में भी शर्म नहीं आ रही है। भारत रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा निर्माण में 13 लाख 60 हजार रुपये का एक ऐसा सनसनीखेज घपला सामने आया है, जिसने नगर पालिका के दावों की हवा निकाल दी है। कागजों में जिस प्रतिमा को 'शुद्ध कांस्य' (ब्रॉन्ज) की बताकर सरकारी खजाने पर डाका डाला गया, वह असल में कंक्रीट और सीमेंट का ढांचा निकली, जिस पर सिर्फ ब्रॉन्ज कलर का 'सस्ता पेंट' पोतकर जनता की आँखों में धूल झोंकी गई थी।

मौसम की मार से खुली कलई, बह गया 'ईमानदारी' का रंग

कहते हैं कि पाप का घड़ा एक न एक दिन जरूर भरता है। ठेकेदार और अधिकारियों ने मिलकर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' की तर्ज पर इस घोटाले को अंजाम तो दे दिया, लेकिन वे कुदरत के कानून को भूल गए। हाल ही में हुई बारिश और मौसम की मार से जैसे ही मूर्ति के ऊपर चढ़ा ब्रॉन्ज पेंट उखड़ा, वैसे ही नगर पालिका के भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा चौराहे पर आ गया। धातु की जगह अंदर से झांकता कंक्रीट और सीमेंट चिल्ला-चिल्लाकर गवाही दे रहा है कि कैसे 13.60 लाख रुपये को चूना लगाकर बंदरबांट कर ली गई।

सवाल सुनते ही ठेकेदार के छूटे पसीने, इंजीनियर ने साधी 'मौन व्रत'

इस महाघोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद जब सच्चाई जानने के लिए इसके मुख्य किरदारों को टटोला गया, तो सबके सब 'चोर की दाढ़ी में तिनका' वाली कहावत को सच करते नजर आए। जब संबंधित ठेकेदार को फोन मिलाया गया, तो वह पहले तो गोलमोल जवाब देकर बगलें झांकने लगा और जैसे ही तीखे सवाल दागे गए, उसने डर के मारे बीच में ही फोन काट दिया। वहीं, इस कंक्रीट के ढांचे को अपनी तकनीकी रिपोर्ट में 'असली ब्रॉन्ज' प्रमाणित करने वाले सब-इंजीनियर साहब तो 'सांप सूंघने' की तरह भूमिगत हो गए हैं और उनका फोन तक नही उठा।

हाकिम और रहनुमा भी 'चुपड़ी-चुपड़ी' खाकर हुए खामोश!

हैरत की बात तो यह है कि नगर के प्रथम नागरिक और प्रशासनिक मुखिया भी इस महापाप पर धृतराष्ट्र की तरह आंखें मूंदकर बैठ गए हैं। इस संवेदनशील मामले पर जब कटघोरा नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और नगर पालिका अध्यक्ष से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो दोनों ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। जिम्मेदार पदों पर बैठे इन रहनुमाओं का इस तरह 'दुम दबाकर भागना' और फोन ना उठाना साफ इशारा करता है कि इस 13.60 लाख की मलाई को अकेले ठेकेदार ने नहीं चखा, बल्कि इसमें ऊपर से लेकर नीचे तक 'सब धान बाईस पसेरी' वाला हाल है और सबकी मिलीभगत है।

जनता का फूटा गुस्सा: 'भ्रष्टाचारियों को भेजो जेल'

अटल जी जैसी महान शख्सियत के नाम पर हुए इस भद्दे मजाक से कटघोरा की जनता का खून खौल उठा है। स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि कंक्रीट की इस फर्जी मूर्ति को तत्काल हटाया जाए और दोषियों पर जालसाजी (FIR) की कार्रवाई कर उन्हें जेल की हवा खिलाई जाए। जनता अब आर-पार के मूड में है और पूछ रही है कि आखिर कब तक महापुरुषों की आड़ में 'बहती गंगा में हाथ धोने' वाले इन सफेदपोशों और अफसरों को बचाया जाएगा?

Tags :

sharma news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें