--नगर पंचायत छुरी कला में भ्रष्टाचार की गंध ..! नियम कायदों की अनदेखी : पार्षद निधि के लाखों रुपये का जमकर दुरुपयोग,उच्च स्तरीय जांच की मांग..
Shubh Arvind Sharma
Fri, Oct 31, 2025
--नगर पंचायत छुरी कला में भ्रष्टाचार की गंध ..! नियम कायदों की अनदेखी.? पार्षद निधि के लाखों रुपये का जमकर दुरुपयोग,उच्च स्तरीय जांच की मांग..
कोरबा/छुरी:- नगर पँचायत छुरीकला में भ्रष्टाचार व पार्षद निधि का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है वर्ष 2025-26 के पार्षद निधि से लगभग 16 लाख रुपये का विद्युत सामाग्री (एल. ई. डी.50w) क्रय किया गया एवम खरीदी प्रक्रिया में जनप्रतिनिधि,उपअभियंता एवम एकाउंटेंट द्वारा शासन के नियमो का घोर उलंघन करते हुए प्रशासनिक लापरवाही बरती गई है।उक्त मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद हीरालाल यादव ने बिलासपुर सयुंक्त निदेशक नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा है जिसमे जिक्र है कि छुरी कला नगर पंचायत में क्रय किया गया सामग्री न तो नगर पंचायत कार्यालय में जमा हुआ है न ही उसका भौतिक सत्यापन किया गया है और न ही किसी प्रकार का टेस्ट हुआ बल्कि यह खरीदी केवल कागजो में की गई एवम कागजो में ही वितरण दिखाकर बिना किसी पार्षदों के संतुष्टि पत्र के अध्यक्ष के दबंगई एवम दबाव के कारण मात्र 24 घण्टे के अंदर में केवल बिल के आधार पर उक्त सामग्री का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार यह स्पष्ट रूप से नगरीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का घोर उलंघन है एवम गम्भीर अपराध की श्रेणी में आता है।क्रय प्रक्रिया में अध्यक्ष द्वारा पी. आई. सी. की स्वीकृति को आधार बनाया गया और बिना किसी सामान के फर्जी तरीके से उपअभियंता एवम एकाउंटेंट से सांठ गांठ करके पूरा पूरा भुगतान कर दिया गया।इस प्रकार के कार्यप्रणाली से सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है तथा जनहित के कार्यो के गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
शिकायतकर्ता हीरालाल यादव ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवम उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारी एवम जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है।अब इस पूरे मामले पर क्या निष्पक्ष जांच होगी.? या ये मामला भी सरकारी फाइलों में दफन हो जाएगा..? इस पर सबकी निगाहे टिकी हुई है।
आरोप निराधार-- सीएमओ (नगर पंचायत छुरी)
इस मामले पर छुरी कला नगर पंचायत सीएमओ ने बताया कि वार्डो में लाइट लगाई जा रही,जिसमे 36 वाट,50वाट व 70 वाट की लाइट लगाई जा रही।सभी पार्षदो की सहमति से लाइट खरीदी गई है और वार्डो में कार्य किया जा रहा है।इन्होंने बताया कि इसके लिए प्रशासनिक औपचारिकतायें पूरी की गई है, टेंडर जारी हुआ था,बाकी मोगरा के किसी को टेंडर मिला था,जेम पोर्टल से खरीदी हुई है जिसका नोडल अधिकारी इंजीनियर होता है।शिकायतकर्ता का आरोप निराधार है।

इस पूरे मामले में सीएमओ ने बताया कि 15 लाख रुपये की खरीदी हुई है।जिसमे इन्होंने 36,50 और 70 वाट की लाइट खरीदने का हवाला दिया है जबकि स्टॉक कुछ और ही बया कर रहे हैं।इस पूरे माजरे में मजे की बात ये है कि जो खरीदी हुई है वह शासकीय संपति है जिसे नगर पंचायत कार्यालय में होना चाहिए वह निजी घर मे स्टॉक की गई है जो समझ से परे है।कहि ना कहि पार्षद निधि से क्रय किये गए सामानों में गड़बड़ झाला है.?
सूत्र बताते हैं कि नगर पंचायत में सीएमओ की जमकर मनमानी है ये नगर पंचायत अध्यक्ष की भी नही सुनते ,बल्कि ठेकेदारों से सांठगांठ कर सरकार के नियमो की अनदेखी कर भ्रष्टाचार को अंजाम देने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।सूत्रों से ये भी ज्ञात है कि पूर्व में भी इन्होंने जमकर घोटाले किये हैं जिनकी जांच जारी है।मतलब साफ समझा जा सकता है कि नगर पंचायत के सीएमओ की मनमानी पूरे चरम पे है इन्हें सरकार व अपने उच्चाधिकारियों का जरा भी ख़ौफ़ नही है।अब लाइट खरीदी मामले में क्या सच है क्या झूठ.! यह तो जांच के बाद ही स्प्ष्ट होगा,बहरहाल जब इस मामले में सीएमओ से पूछा गया तो उनका जवाब सन्तोषप्रद नही रहा, जो कई सवाल खड़े करता है। सीएमओ की हठधर्मिता से पार्षद व अध्यक्ष भी नाखुश नजर आते हैं।
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