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खाकी फिर दागदार: : कटघोरा थाने में 'रक्षक' ही बने 'भक्षक', वसूली बाज दो आरक्षकों पर एसपी की गिरी गाज, किए गए सस्पेंड!

Shubh Arvind Sharma

Thu, Aug 6, 2026

खाकी फिर दागदार: कटघोरा थाने में 'रक्षक' ही बने 'भक्षक', वसूली बाज दो आरक्षकों पर एसपी की गिरी गाज, किए गए सस्पेंड!

कोरबा। कहते हैं कि जब बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो रखवाली की उम्मीद किससे की जाए? ऐसा ही एक शर्मनाक मामला कोरबा जिले के कटघोरा थाने से सामने आया है, जहां "दहेज में मिले कानून" का धौंस दिखाकर दो आरक्षकों ने वर्दी को सरेआम कलंकित कर दिया। सीधे-साधे लोगों को डरा-धमकाकर अवैध उगाही का अड्डा चला रहे दो पुलिसकर्मियों पर कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने कड़ा हंटर चलाया है। एसपी की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

सादे कपड़ों में 'गुंडागर्दी', थाने को बना दिया 'वसूली भाई' का अड्डा!

मामला 4 अगस्त 2026 का है, जब एक पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर एसपी के सामने पुलिसिया प्रताड़ना की पूरी कच्ची पर्ची खोल दी। शिकायत के मुताबिक, कटघोरा थाने में तैनात आरक्षक क्रमांक 747 प्रदीप राठौर और आरक्षक क्रमांक 529 रामधन पटेल ' काले कारनामों ' को अंजाम देने के लिए खाकी छोड़ सादे कपड़ों में घूम रहे थे। इन दोनों ने प्रार्थी के परिजनों को अवैध रूप से बंधक बनाकर थाने में बैठाया और फिर शुरू हुआ "चौथ वसूली" का खेल।

परिजनों पर मानसिक दबाव बनाकर, 'अंधेर नगरी चौपट राजा' की तर्ज पर इन आरक्षकों ने मोटी रकम ऐंठ ली। जब यह बात कप्तान तक पहुंची, तो उन्होंने बिना वक्त गंवाए मामले की जांच एसडीओपी कटघोरा को सौंप दी।

जांच में खुली पोल, एसपी ने बीच चौराहे पर काटा 'निलंबन का परचा'

एसडीओपी की जांच में जैसे ही गवाहों ने मुंह खोला, आरक्षकों के पाप का घड़ा फूट गया। 'चोरी और ऊपर से सीनाजोरी' करने वाले इन जवानों की संदिग्ध कार्यशैली, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता के सबूत पहली ही नजर में साफ हो गए।

नियम-कानून की धज्जियां उड़ाने वाले इन आरक्षकों को सबक सिखाते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने 05 अगस्त 2026 को कड़ा रुख अख्तियार किया और दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर लाइन हाजिर कर दिया।

रक्षित केंद्र भेजे गए दोनों 'महारथी'

अब ये दोनों वसूलीबाज आरक्षक रक्षित केंद्र (लाइन), कोरबा में बैठकर अपनी करनी पर आंसू बहाएंगे। निलंबन अवधि में इन्हें केवल नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता ही नसीब होगा। एसपी की इस आक्रामक कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि "खाकी की आड़ में कसाई का धंधा" करने वालों की जगह पुलिस विभाग में नहीं, बल्कि सीधे रडार पर होगी।

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कोरबा कटघोरा

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