: कड़ी मेहनत और ईमानदारी की मिसाल: किशोर शर्मा बने डिप्टी कलेक्टर, कोंडागांव में लेंगे जिम्मेदारी
Shubh Arvind Sharma
Fri, May 23, 2025
कड़ी मेहनत और ईमानदारी की मिसाल: किशोर शर्मा बने डिप्टी कलेक्टर, कोंडागांव में लेंगे जिम्मेदारी
पोड़ी से लेकर कोरबा तक उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवा के बाद मिली नई पहचान
रायपुर/कोंडागांव (SHARMA NEWS)छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 13 मई 2025 को जारी स्थानांतरण आदेश में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के कर्मठ और ईमानदार अधिकारी किशोर शर्मा को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। उन्हें कोंडागांव जिला में नवीन पदस्थापना मिली है, जहाँ वे प्रशासनिक नेतृत्व की नई भूमिका निभाएंगे।
तहसील से लेकर कलेक्टोरेट तक: एक अनुकरणीय यात्रा
किशोर शर्मा ने अपनी सेवा की शुरुआत तहसील पोड़ी से की, जहाँ सीमित संसाधनों में रहते हुए भी उन्होंने राजस्व विवादों का समयबद्ध समाधान, किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण और ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया। उनके सरल, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण ने उन्हें जनता के बीच भरोसे का नाम बनाया।
इसके बाद उनकी नियुक्ति कटघोरा तहसील में हुई, जो कि कोरबा जिले का एक संवेदनशील क्षेत्र है। वहाँ भूमि विवाद, खनन से जुड़े मुद्दों और आदिवासी कल्याण योजनाओं पर उन्होंने प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन स्थापित किया।
दीपका तहसील में उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी जटिलताओं के बीच श्रमिकों के हितों, स्थानीय व्यवस्थाओं और औद्योगिक समन्वय को मजबूती से साधा। तत्पश्चात कोरबा जैसे गतिशील जिले में उनकी प्रशासनिक सूझबूझ फिर से परिलक्षित हुई, जहाँ उन्होंने पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन की मजबूत मिसाल पेश की।
सरकारी मान्यता: परिश्रम को मिला पुरस्कार
राजपत्रित वेतनमान स्तर-12 (₹56,100–1,77,500) में पदोन्नति के साथ किशोर शर्मा को डिप्टी कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। यह न केवल एक प्रशासनिक पदोन्नति है, बल्कि उनके निष्पक्ष, ईमानदार और समर्पित सेवाकाल की सरकारी स्वीकृति है।
कोंडागांव को मिला कुशल प्रशासक
कोंडागांव, जो कि एक आदिवासी बहुल और प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिला है, को किशोर शर्मा जैसे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी फील्ड में सक्रियता, जनसंपर्क कौशल, और नीतिगत स्पष्टता उन्हें इस भूमिका में विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है।
ईमानदारी की पहचान, प्रेरणा का स्तंभ
किशोर शर्मा की कार्यशैली में कठोर अनुशासन, जनसुनवाई की प्राथमिकता, और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता रही है। उन्होंने हमेशा “जनता पहले” के सिद्धांत को अपने काम में उतारा और इसीलिए वे न केवल प्रशासन में बल्कि आम नागरिकों के बीच भी आदर और विश्वास का पात्र बने हैं।
छत्तीसगढ़ प्रशासन को ऐसे अधिकारियों पर गर्व है और कोंडागांव की जनता को उम्मीद है कि एक नया प्रशासनिक अध्याय अब शुरू होने जा रहा है।
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