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लोग गवा रहे जान,, नहीं है सुरक्षा के कोई इंतजामात..?

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सावधान.! ''स्पॉट डेथ" बना झोरा घाट..! : लोग गवा रहे जान,, नहीं है सुरक्षा के कोई इंतजामात..?

Shubh Arvind Sharma

Sun, May 17, 2026

सावधान.! ''स्पॉट डेथ" बना झोरा घाट..! लोग गवा रहे जान,, नहीं है सुरक्षा के कोई इंतजामात..?

कोरबा/कटघोरा:-कोरबा का मिनी गोवा "झोरा घाट" अब "स्पॉट डेथ" बन चुका है यहां कई लोग असमय मौत की गोद मे समाहित हो चुके हैं यह स्थान अब पर्यटकों के लिए सुरक्षित नही है।कई घटनाओं के बावजूद प्रशासन के कानों पर जु तक नही रेंगी है,यहां आज तक सुरक्षा के कोई पुख़्ता इंतजाम नहीं हैं।लिहाजा कई बार बडे हादसे हो रहे हैं।अक्सर हजारो की संख्या में पर्यटक झोरा घाट पर पहुचते है लेकिन उनके साथ कब कोई बड़ा हादसा हो जाये इसकी कोई गारन्टी नही है।हादसे के बाद प्रशासन मात्र औपचारिकता निभाने को ततपर रहता है।

कटघोरा से लगा छुरी अंतर्गत झोरा घाट अब पर्यटकों के लिए सुरक्षित न होकर मौत का घाट साबित हो रहा है।यहां आने वाले पर्यटकों के सुरक्षा की कोई उचित व्यवस्था नही है।लिहाजा पर्यटक अपनी जान गवाने को मजबूर हैं।हालांकि कुछ स्तर तक कटघोरा पुलिस अपनी जिम्मेदारी तय कर व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास जरूर कर रही है, लेकिन फिर भी हादसे कम होने का नाम नही ले रहे हैं।हाल ही में कटघोरा निवासी एक युवा की डूबने से मौत हो गई है, बताया जा रहा है मृतक परिवार का इकलौता वारिस था।इनकी मौत से परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है।

झोरा घाट आने वाले पर्यटकों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि नदी का जल स्तर अक्सर घटता बढ़ता रहता है,साथ ही कई स्थानों पर नदी का बहाव तेज होने के साथ गहरा भी है,जहां अक्सर घटनाये हो जाती है।जानकारी के अभाव में लोग गहरे पानी मे चले जाते हैं और उनके साथ बड़ा हादसा हो जाता है।

कोरबा का बहुचर्चित "झोरा घाट" अब "स्पॉट डेथ" बन चुका है।वर्षो से यह स्थान अपनी प्राकृतिक लोकप्रियता के लिए मशहूर है लेकिन आज भी प्रशासन की ओर से यहां सुरक्षा के कोई ठोस इंतजामात नही है,न यहाँ कोई सुरक्षा के बोर्ड नजर आते हैं और न ही गोताखोरों की कोई व्यवस्था है।सुरक्षा के व्यवस्था अभाव में अक्सर हादसे बढ़ रहे हैं।आखिर इन हादसों का जिम्मेदार कौन..?

अभी तक दर्जनों लोग झोरा घाट में अपनी जान गवा चुके हैं,बावजूद प्रशासन मूकदर्शक साबित है।कुछ हद तक कटघोरा के वर्तमान थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने अपनी जिम्मेदारी वहन करते हुए पर्यटको के बीच मौजूद असामाजिक तत्वों व हुड़दंगियों पर कड़ी कार्यवाही कर पर्यटकों को राहत देने का प्रयास कर रहे हैं, लिहाजा काफी हद तक पर्यटकों को राहत मिल रही है।थाना प्रभारी ने भी पर्यटकों से अपील की है कि पर्यटक गहरे पानी के नजदीक ना जाये और किसी भी तरह की अनहोनी या अवैध गतिविधि नजर आए तो तत्काल पुलिस को सूचना दे।

पर्यटको के लिए झोरा घाट नही है सुरक्षित..

झोरा घाट में बहने वाली हसदेव नदी का जल स्तर कब बढ़ जाये कब घट जाए इसका कोई अस्तित्व नही है।लिहाजा यहां पर्यटको की जिम्मेदारी है कि वे अपनी सुरक्षा किस स्तर पर करेंगे।पर्यटको को ध्यान रखना होगा कि यहां प्रशासन की कोई खास व्यवस्था नही है, लिहाजा पानी मे उतरने से पहले वे अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं करे।झोरा घाट पहुचने वाले पर्यटक अपने परिवार व बच्चो की सुरक्षा स्वयं करे और उन्हें गहरे पानी के नजदीक जाने ना दे।अक्सर बड़े हादसे गहरे पानी मे जाने कारण हो रहे हैं।

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