कटघोरा नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खेल: : विवादों में घिरे सीएमओ मुद्रिका प्रसाद तिवारी हटाए गए, लूप लाइन में भेजा
Shubh Arvind Sharma
Thu, Oct 22, 2026
कटघोरा नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खेल: विवादों में घिरे सीएमओ मुद्रिका प्रसाद तिवारी हटाए गए, लूप लाइन में भेजा
कटघोरा/कोरबा। कटघोरा नगर पालिका परिषद में पिछले लंबे समय से चल रहे घोटालों, वित्तीय अनियमितताओं और मनमानी के आरोपों के बीच जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर पालिका के विवादित मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्री मुद्रिका प्रसाद तिवारी को आखिरकार कटघोरा से हटा दिया गया है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, कोरबा द्वारा जारी किए गए ताजा प्रशासनिक आदेश (पत्र क्रमांक/11256/स्टेनो/2026) के तहत मुद्रिका प्रसाद तिवारी को नगर पालिका परिषद कटघोरा के पद से मुक्त करते हुए अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सिटी मिशन प्रबंधन इकाई, जिला-कोरबा में संलग्न (लूप लाइन में) कर दिया गया है।

अटल परिसर प्रतिमा घोटाला और अनियमितताओं की पृष्ठभूमि:
विदित हो कि हाल ही में कटघोरा नगर पालिका परिषद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में रही है। विशेष रूप से 'अटल परिसर' में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनने वाली कांस्य (ब्रॉन्ज) की प्रतिमा के निर्माण में एक बड़ा खेल पकड़ा गया था। जिम्मेदार अधिकारियों ने सांठगांठ कर ब्रॉन्ज की जगह कथित सीमेंट की सस्ती मूर्ति लगवा दी थी, जिसे लेकर पार्षदों और आम जनता में भारी आक्रोश था। इस वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद विभाग द्वारा सब-इंजीनियर को निलंबित किया जा चुका था और तभी से तत्कालीन सीएमओ को भी हटाने की मांग लगातार उठ रही थी। इसके अतिरिक्त, सामान्य सभा की बैठकों में पार्षदों के साथ सामंजस्य न बिठा पाने, मनमाने फैसले लेने और पालिका के विकास कार्यों में बरती गई कथित प्रशासनिक शिथिलता के कारण भी वे लगातार जनप्रतिनिधियों के निशाने पर थे।

IAS ईशांत जायसवाल संभालेंगे कमान:
नगर पालिका में मचे इस प्रशासनिक घमासान और घोटालों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कटघोरा की कमान अब एक सख्त प्रशासनिक अधिकारी को सौंपी है। पूर्व में जारी आदेश के तहत सहायक कलेक्टर (परिवीक्षाधीन) श्री ईशांत जायसवाल (IAS) को कटघोरा नगर पालिका परिषद का नया मुख्य नगर पालिका अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि पालिका के कामकाज में पारदर्शिता लाई जा सके।

वेतन कटघोरा से, काम लूप लाइन में:
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मुद्रिका प्रसाद तिवारी को कोरबा जिला मुख्यालय में अटैच तो कर दिया गया है, लेकिन उनका वेतन मूल निकाय नगर पालिका परिषद कटघोरा से ही आहरित होगा। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और पार्षदों का कहना है कि यह कार्रवाई तो केवल शुरुआत है, पालिका में हुए सभी निर्माण कार्यों और फाइलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि मुद्रिका प्रसाद तिवारी के कार्यकाल के दौरान हुए अन्य कारनामों का सच भी सामने आ सके।
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