: कोरबा ब्रेकिंग: बालिका कन्या आश्रम में नाबालिक छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म…अधीक्षिका ने नवजात को जंगल में फेंका…वार्डन निलंबित
Shubh Arvind Sharma
Tue, Jan 7, 2025
कोरबा ब्रेकिंग: बालिका कन्या आश्रम में नाबालिक छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म…अधीक्षिका ने नवजात को जंगल में फेंका…वार्डन निलंबित
छत्तीसगढ़/कोरबा:-जिला कोरबा से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कन्या आश्रम में एक नाबालिक छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है।इस वाक्ये से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, ऐसा माना जा रहा है यह जिले में अभी तक कि पहली ऐसी घटना है जिसने हर किसी को शर्मसार कर दिया है।आपको बता दे कि बीती रात्रि जिला कोरबा के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा स्थित राजीव शिक्षा मिशन हास्टल में 11 वीं छात्रा ने नवजात को जन्म दिया। इसकी जानकारी जैसे ही छात्रावास अधीक्षिक और स्टाफ को लगी तो वे खुद को बचाने और बदनामी के भय से नवजात बच्चे को रात्रि में ही जंगल में फेंक दिया।सुबह जब इसकी जानकारी विभाग तक पहुँची तो हड़कम्प मच गया ।फिर नाबालिग छात्रा व नवजात को पोड़ी उपरोड़ा के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया,दोनों की हालत गम्भीर देखते हुए इन्हें जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया। जानकारी अनुसार छात्रा के परिजनों को उन्हे बेटी के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने की जानकारी नहीं है।
खबर जिला कोरबा के ब्लाक पोड़ी उपरोड़ा स्थित पोड़ी उपरोड़ा गांव की है। गांव में शिक्षा विभाग का राजीव मिशन छात्रावास संचालित है। 100 सीटर कन्या छात्रावास में दूर दराज क्षेत्र की छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। बीती रात्रि करीब एक बजे के आसपास 11 की छात्रा ने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया। जानकारी के बाद छात्रावास अधीक्षिका और स्टाफ ने नवजात को जंगल में फेंका है। जानकारी के बाद शिक्षा विभाग में जमकर हड़कम्प है। इसके बाद आलाधिकारी मौके पर पहुंच गये।
आनन फानन में जंगल में फेंके गए बच्चे को तत्काल अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती कराया गया। साथ ही नवजात बच्चे की मां 11 वीं की छात्रा को भी अस्पताल में दाखिल कराया गया । बहरहाल दोनो का ईलाज चल रहा है। बताया जा रहा है बच्चे की स्थित नाजुक है। पूछताछ के दौरान छात्रा ने नवजात को जन्म देना कबूल किया है।
इस मामले को लेकर कई तरह की बाते सामने आ रही हैं। छात्रावास अधीक्षिका ने विभाग को बताया कि जन्म के कमरे से नवजाता बच्चे की रोने की आवाज आयी। तुरन्त छात्रा के कमरे में पहुंची। छात्रा ने बताया कि मालूम नहीं कि बच्चा यहां कैसे आया।बच्चे को देख अधिक्षिका के होश उड़ गए इसके पहले की ये बात सार्वजनिक होती बच्चे को जंगल में छोड़ दिया गया।
स्टाफ से मिली एक अन्य जानकारी के अनुसार छात्रावास अधीक्षिका को 11 वीं की छात्रा की गर्भवती होने की जानकारी थी। छात्रावास अधीक्षिका ने सारे मामले को दबाया है। यहां तक की छात्रावास में बाहरी लड़कों और पुरूषों का भी आना जाना होता रहा है। छात्रा के माता पिता को भी जानकारी नहीं है। निश्चित रूप से अपराध में छात्रावास अधीक्षिका की भूमिका संदिग्ध है। मामले की जानकारी के बाद छात्रा के परिजन भी छात्रावास के बाद अस्पताल पहुंचे। उन्होने बताया कि बेटी ने जन्म दिया इसकी जानकारी तो दूर की बात है..उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी बच्ची गर्भवती भी है। माता पिता के बयान के बाद शिक्षा विभाग में जमकर हड़कम्प है। मामले में जिला प्रशासन ने जांच का आदेश दिया है।
छात्रावास अधीक्षिका पर गिरी गाज
कोरबा कलेक्टर ने विभागीय मांग पर पोड़ी उपरोड़ा छात्रावास अधीक्षिका जय कुमारी रात्रे अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है। जय कुमारी रात्रे का मूल पद प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला साटापानी, संकुल बेतलो के पद पर है। जिला प्रशासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम ( 3 ) का उल्लंघन करने और छत्तीसगढ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 और नियम 10 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधीक्षिका को मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कटघोरा में संलग्न किया है।
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