Monday 3rd of August 2026

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पूर्व अध्यक्ष रतन मित्तल और वर्तमान अध्यक्ष राज जायसवाल के कार्यकाल के अंतर के बीच कांग्रेसी नेता विकास सिंह का अल्टीमेट

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कटघोरा में विकास या विनाश? चारों तरफ घोटालों की गूंज, : पूर्व अध्यक्ष रतन मित्तल और वर्तमान अध्यक्ष राज जायसवाल के कार्यकाल के अंतर के बीच कांग्रेसी नेता विकास सिंह का अल्टीमेट

Shubh Arvind Sharma

Mon, Aug 3, 2026

कटघोरा में विकास या विनाश? चारों तरफ घोटालों की गूंज, पूर्व अध्यक्ष रतन मित्तल और वर्तमान अध्यक्ष राज जायसवाल के कार्यकाल के अंतर के बीच कांग्रेसी नेता विकास सिंह का अल्टीमेटम

कटघोरा (कोरबा) छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक शहर कटघोरा आज भ्रष्टाचार के सबसे काले दौर से गुजर रहा है। स्थानीय चौक-चौराहों पर आज सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है—"कटघोरा में यह विकास हो रहा है या विनाश?" सड़कों के गड्ढे, अधूरे निर्माण कार्य और सरकारी दफ्तरों में फैले अंतहीन घोटालों के बीच अब जनता पूर्व और वर्तमान सत्तासीनों के कार्यकाल की तुलना करने पर मजबूर हो गई है।

अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 14 लाख रुपये की लागत वाली कांसे (ब्रॉन्ज) की जगह सीमेंट-कंक्रीट की नकली मूर्ति लगाने के शर्मनाक महाघोटाले ने इस आक्रोश को और भड़का दिया है। इस बीच, शहर के प्रबुद्ध नागरिक पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रतन मित्तल और वर्तमान अध्यक्ष राज जायसवाल के कार्यकालों के बीच के बड़े अंतर को इस बदहाली की मुख्य वजह मान रहे हैं। इसी कड़ी में अब युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने मोर्चा खोलते हुए प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी है।

रतन मित्तल बनाम राज जायसवाल: प्रशासनिक विफलता का बड़ा अंतर

* पारंपरिक अनुभव बनाम हाई-टेक विजन का फ्लॉप शो: पूर्व अध्यक्ष रतन मित्तल के पास दशकों लंबा प्रशासनिक अनुभव था। उनके कार्यकाल में विकास की गति भले ही धीमी और पारंपरिक थी, लेकिन तकनीकी नियंत्रण मजबूत रहता था। इसके विपरीत, वर्तमान अध्यक्ष राज जायसवाल ने युवा नेतृत्व के रूप में बड़े विजन, आधुनिक परियोजनाओं और करोड़ों के भूमिपूजन के साथ धमाकेदार शुरुआत की, लेकिन धरातल पर उनकी यह चमक फीकी साबित हुई है।

* भ्रष्टाचार और घोटालों का बदला स्वरूप: रतन मित्तल के कार्यकाल में विपक्ष और पार्षदों के आरोप मुख्य रूप से विकास कार्यों में सुस्ती, पक्षपात और आपसी अंतर्कलह तक सीमित थे। वहीं, राज जायसवाल के मौजूदा दौर में भ्रष्टाचार ने 'आतंक' का रूप ले लिया है। आस्था और महापुरुषों के सम्मान (जैसे अटल जी की नकली प्रतिमा) के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ करने वाले तकनीकी और वित्तीय घोटाले खुलकर सामने आ रहे हैं।

* अफसरशाही और ठेकेदारों की मनमानी: वरिष्ठ जनों का कहना है कि मित्तल के समय प्रशासनिक तालमेल धीमा जरूर था, लेकिन अधिकारी इस कदर हावी नहीं थे। वहीं, जायसवाल के कार्यकाल में नगर पालिका पूरी तरह अफसरशाही और ठेकेदारों के चंगुल में फंसी नजर आ रही है। टेंडर पास होने और भारी-भरकम बजट जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर घटिया निर्माण हो रहा है, जिसका नतीजा पूरा शहर भुगत रहा है।

कांग्रेसी नेता विकास सिंह की '3 दिन' की उग्र चेतावनी

अटल परिसर महाघोटाले को लेकर विपक्ष ने अब सरकार और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इसी क्रम में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कटघोरा नगर पालिका कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

विकास सिंह ने इस महाघोटाले के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगे सामने रखी हैं। कांग्रेसी नेता ने प्रशासन को सख्त लहजे में 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर भ्रष्ट मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुद्रिका प्रसाद तिवारी (CMO) को पद से बर्खास्त नहीं किया गया और इस घोटाले के मुख्य चेहरों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो 3 दिन बाद पूरा कटघोरा उग्र आंदोलन और चक्काजाम का गवाह बनेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

चारों तरफ सिर्फ घोटालों की गूंज

* अटल परिसर महाघोटाला: नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये की ब्रॉन्ज मूर्ति की जगह सीमेंट का ढांचा खड़ा किया गया। पहली ही तेज बारिश ने मूर्ति का नकली रंग बहा दिया और कंक्रीट बाहर आ गया। इस मामले में सब-इंजीनियर चंद्र प्रकाश जायसवाल को सस्पेंड तो किया गया है, लेकिन मुख्य सूत्रधारों पर अब भी मेहरबानी बनी हुई है।

* सड़कों और नालियों में बंदरबांट: करोड़ों की लागत से बनी गौरव पथ और अंदरूनी सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ गईं। घटिया निर्माण सामग्री के कारण नई बनी नालियां टूट चुकी हैं, जिससे पूरा शहर जलभराव से जूझ रहा है।

जनता का साफ कहना है कि कुर्सी बदलने या चेहरा बदलने से कटघोरा की तकदीर नहीं बदली; पहले जहां सुस्ती का रोना था, वहीं अब चमचमाती घोषणाओं के पीछे भ्रष्टाचार का खेल और ज्यादा गहरा हो गया है। विकास सिंह की इस उग्र चेतावनी के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन तीन दिनों के भीतर क्या कदम उठाता है।

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कोरबा कटघोरा

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