अटल' घोटाले में कांग्रेसी नेता विकास सिंह का बड़ा धमाका: : बोले— "इंजीनियर तो मोहरा है, असली खेला तो CMO और ठेकेदार की तिकड़ी ने रचा है!
Shubh Arvind Sharma
Fri, Jul 31, 2026अटल' घोटाले में कांग्रेसी नेता विकास सिंह का बड़ा धमाका: बोले— "इंजीनियर तो मोहरा है, असली खेला तो CMO और ठेकेदार की तिकड़ी ने रचा है!
"🔥 छोटे कर्मचारी की बलि देकर इतिश्री करना चाह रहा प्रशासन; विकास सिंह ने खोली पोल-पट्टी, कहा- "मगरमच्छों को बचाना बंद करे सरकार"
विशेष पड़ताल, कटघोरा।
Korba:कटघोरा नगर पालिका के 'अटल परिसर' में हुए महाघोटाले ने अब एक नया और उग्र राजनीतिक मोड़ ले लिया है। ब्रॉन्ज (तांबे) के नाम पर कंक्रीट की मूर्ति खड़ी कर जनता की आँखों में धूल झोंकने के इस मामले में अब कांग्रेसी नेता विकास सिंह ने सीधे तौर पर प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
विकास सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा है कि एक छोटे सब-इंजीनियर को सस्पेंड करके प्रशासन इस पूरे मामले की इतिश्री करना चाहता है, जिसे कटघोरा की जनता किसी भी कीमत पर हजम नहीं करेगी।
सीएमओ, ठेकेदार और नेताओं की 'त्रिमूर्ति' ने रचा पूरा खेला
कांग्रेसी नेता विकास सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यहाँ दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
असली खिलाड़ी पर्दे के पीछे:-
इस ₹14 लाख के मूर्ति घोटाले का मुख्य भाग मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और रसूखदार ठेकेदार हैं।
तिकड़ी की जुगलबंदी: सीएमओ, ठेकेदार और कुछ सत्ताधारी नेताओं की इस तिकड़ी ने मिलकर ऐसा ताना-बाना बुना कि कागजों में तांबे की मूर्ति पास हो गई और जमीन पर सीमेंट-कंक्रीट ठूंस दिया गया।
बिना बड़े साहबों के पत्ता भी नहीं हिलता: विकास सिंह ने सवाल उठाया कि बिना सीएमओ के दस्तखत और बिना ठेकेदार की मिलीभगत के लाखों रुपये का भुगतान कैसे हो गया? ऐसे में केवल इंजीनियर पर गाज गिराना 'चोरी ऊपर से सीनाजोरी' जैसा प्रशासनिक ढोंग है।

इंजीनियर तो सिर्फ मोहरा, मगरमच्छ खा रहे मलाई!
विकास सिंह के इस बयान ने नगर पालिका के गलियारों में आग में घी डालने का काम कर दिया है। गलियारों में यह चर्चा अब और आम हो गई है कि प्रशासन 'बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह' की तर्ज पर काम कर रहा है। बड़े अधिकारियों और रसूखदार ठेकेदारों को अभयदान (साफ बचा लेना) दे दिया गया है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए केवल एक तकनीकी कर्मचारी को बलि का बकरा बना दिया गया है। ठेकेदार और अफसर मलाई खाकर चैन की बंसी बजा रहे हैं और छोटे कर्मचारी के सिर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है।

💥 शुचिता के दावों की खुली पोल: "ठंडे बस्ते में नहीं जाने देंगे फाइल"
विकास सिंह ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के नाम पर हुआ यह भ्रष्टाचार कटघोरा के इतिहास का सबसे शर्मनाक वाकया है। उन्होंने मांग की है कि जब तक इस घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड—सीएमओ और मुख्य ठेकेदार—पर कानूनी हंटर नहीं चलता और उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं होती, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। प्रशासन इस फाइल को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश न करे, क्योंकि अब दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।
अब देखना यह होगा कि विकास सिंह के इस तीखे हमले और बढ़ते जनआक्रोश के बाद क्या प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेगा या फिर बड़े मगरमच्छों को बचाने का यह खेल यूं ही जारी रहेगा?
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