कटघोरा:VVIPs के हाथों हुआ था 'अटल परिसर' का लोकार्पण; : बिलासपुर संभाग के EE अली बक्स ने माना— "प्रथम दृष्टया भारी गड़बड़ी, 1 दिन में मांगी रिपोर्ट,दोषियों पर गिरेगी गाज?
Shubh Arvind Sharma
Wed, Jul 29, 2026
कटघोरा:VVIPs के हाथों हुआ था 'अटल परिसर' का लोकार्पण; बिलासपुर संभाग के EE अली बक्स ने माना— "प्रथम दृष्टया भारी गड़बड़ी, 1 दिन में मांगी रिपोर्ट, दोषियों पर गिरेगी गाज?
कटघोरा में 'अटल' आस्था पर ₹30 लाख का डाका: ब्रॉन्ज की मूर्ति में भारी गड़बड़ी की आशंका, बेनकाब होंगे सफेदपोश चोर!
मीडिया के कैमरों से भागे जिम्मेदार।
कटघोरा।नगर पालिका कटघोरा में भ्रष्टाचार के दीमकों ने अब देश के महापुरुषों के सम्मान को भी चाटना शुरू कर दिया है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा और परिसर निर्माण के नाम पर यहाँ जो गोरखधंधा हुआ है, उसने पूरे प्रशासन की साख को मटियामेट कर दिया है। कागजों में पूरे कार्य की कुल लागत ₹30 लाख दर्शाई गई थी, जिसमें से सिर्फ मुख्य प्रतिमा के लिए ₹13 लाख 60 हजार का भारी-भरकम बजट पास कराया गया था। लेकिन 'मजबूत ब्रॉन्ज' (कांस्य) का दावा करके जिस मूर्ति के नाम पर लाखों की मलाई काटी गई, उसमें भारी वित्तीय और तकनीकी गड़बड़ी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। चोरों ने महापुरुष की मूर्ति के निर्माण में जमकर खेल किया और ऊपर से पीला पेंट थोपकर वीवीआईपी (VVIP) नेताओं और जनता की आंखों में धूल झोंकने का घिनौना काम किया।

दिग्गजों के हाथों हुआ था लोकार्पण, उन्हीं के सम्मान से खिलवाड़
चौंकाने वाली बात यह है कि इस 'अटल परिसर' का लोकार्पण छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन जैसे दिग्गजों की गरिमामय उपस्थिति में हुआ था। कार्यक्रम में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और उपाध्यक्ष लालबाबू ठाकुर भी मौजूद थे। इतने बड़े रसूखदारों और मंत्रियों के हाथों लोकार्पण कराकर भ्रष्टाचारियों ने अपनी खाल बचाने का पूरा इंतजाम किया था, लेकिन वे भूल गए कि पाप का घड़ा एक न एक दिन जरूर भरता है। ₹13.60 लाख की मूर्ति के नाम पर इतनी बड़ी धांधली करना सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसों पर डकैती है।

बारिश ने धोया पेंट, उतर गया ईमानदारी का चोला
पिछले दिनों हुई जरा सी बारिश ने प्रतिमा का पीला पेंट क्या धोया, मानो नगर पालिका के 'ईमानदार' दावों की कलई ही खुल गई। मूर्ति का असली रंग और उसमें की गई बाजीगरी बाहर आते ही मामला तूल पकड़ गया। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय नगरीय प्रशासन विभाग बिलासपुर संभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) अली बक्स खुद मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। साहब ने जब बारीकी से देखा तो पहली ही नजर में (प्रथम दृष्टया) इस महाघोटाले पर मुहर लग गई और मूर्ति के निर्माण में भारी गड़बड़ी पाई गई। ₹13.60 लाख के बजट वाली मूर्ति में खेल करने का सच बाहर आते ही इस खेल के मास्टरमाइंड्स के चेहरों की हवाइयां उड़ने लगीं हैं।

अली बक्स का अल्टीमेटम: 1 दिन में मांगी रिपोर्ट, कांपे भ्रष्टाचारी
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे शर्मनाक पहलू तब देखने को मिला जब मीडिया के कैमरे सामने आए। गड़बड़ी उजागर होते ही घोटाले को अंजाम देने वाले भ्रष्टाचारी और ठेकेदार कैमरे के सामने भीगी बिल्ली बन गए। वे जवाब देने के बजाय कैमरे से अपना मुंह छिपाकर नौ दो ग्यारह होते और भागते नजर आए। यह इस बात का साफ सबूत है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है। निरीक्षण के बाद कार्यपालन अभियंता अली बक्स ने कड़े तेवर दिखाते हुए इस पूरे मामले की जांच के लिए महज 1 दिन की समय-सीमा तय कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि जांच में जो कोई भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई व रिकवरी की जाएगी।

जनता का खौल रहा खून, अटल जी की प्रतिमा के साथ खिलवाड़ बर्दास्त नही
इस चीटिंग और महापुरुष के घोर अपमान ने कटघोरा की जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। आक्रोशित नागरिकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय युवाओं और संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि जांच अधिकारी अली बक्स की 1 दिन की रिपोर्ट के बाद अगर ₹30 लाख के इस पूरे काम के घोटालेबाज़ ठेकेदार और दोषी अफसरों को तुरंत कार्यवाही नही हुई तो,वे ईंट से ईंट बजा देंगे।अब देखना ये होगा कि इस पूरे मामले पर किस तरह की जांच होती है और दोषियों पर क्या कार्यवाही होगी?
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कोरबा कटघोरा
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