BIG BREAKING: कटघोरा 'अटल' प्रतिमा घोटाला; : सब-इंजीनियर जायसवाल सस्पेंड, कांग्रेसी नेता विकास सिंह का अटल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना!
Shubh Arvind Sharma
Fri, Jul 31, 2026
BIG BREAKING: कटघोरा 'अटल' प्रतिमा घोटाला; सब-इंजीनियर जायसवाल सस्पेंड, कांग्रेसी नेता विकास सिंह का अटल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना!
💥 लीक पत्र ने मचाया हड़कंप: "मूर्ति कंक्रीट की है, यह सच खुद CMO मुद्रिका प्रसाद तिवारी भी जानते थे!" ठेकेदार मनोज अग्रवाल और भ्रष्ट CMO पर FIR होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।

कटघोरा (कोरबा)। कटघोरा नगर पालिका के अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा निर्माण में हुए महाभ्रष्टाचार का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक महासंग्राम में बदल चुका है।31 जुलाई 2026 को संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, नवा रायपुर ने तत्कालीन उप अभियंता (सब-इंजीनियर) चंद्र प्रकाश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। लेकिन इस कार्रवाई के तुरंत बाद सब-इंजीनियर का एक लीक पत्र सामने आने से पूरी जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेसी नेता विकास सिंह ने मोर्चा खोलते हुए सीधे अटल परिसर में अपने समर्थकों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
📄 सरकारी निलंबन आदेश की बड़ी बातें

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक ESTB-1024/1248/2026-UAD SEC 5021 के तहत जांच में पाया गया:
मानकों का उल्लंघन:-- प्रतिमा निर्माण कार्य टेंडर और प्राक्कलन (Estimate) के नियमों के विपरीत किया गया।
खुल गई पोल:-- पहली ही बारिश में मूर्ति के विभिन्न भागों से परतें उखड़ने लगीं और सीमेंट-कंक्रीट का ढांचा साफ दिखने लगा।
कांस्य के नाम पर धोखा:-- स्थापित की गई प्रतिमा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कांस्य (ब्रॉन्ज) की नहीं पाई गई।
मुख्यालय बदला:-- निलंबन अवधि के दौरान श्री चन्द्र प्रकाश जायसवाल का मुख्यालय दुर्ग नियत किया गया है।
💣 सब-इंजीनियर के लीक पत्र से महाविस्फोट

निलंबन से ठीक दो दिन पहले, 29 जुलाई 2026 को सब-इंजीनियर चंद्र प्रकाश जायसवाल द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुद्रिका प्रसाद तिवारी (CMO) को लिखा गया पत्र सार्वजनिक हो गया है। इस पत्र के 3 सबसे सनसनीखेज बिंदु निम्नलिखित हैं:
CMO की संयुक्त फील्ड विजिट:- पत्र में लिखा है—"अनुभियंता एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO)मुद्रिका प्रसाद तिवारी के साथ में मूर्ति बनने के दौरान विजिट किया गया था।" यानी मूर्ति कंक्रीट की बन रही है, यह सच CMO मुद्रिका प्रसाद तिवारी खुद अपनी आंखों से देख चुके थे।
ठेकेदार का नाम उजागर:-- पत्र में साफ उल्लेख है कि गुणवत्ता परीक्षण का प्रतिवेदन ठेकेदार मनोज कुमार अग्रवाल (कटघोरा) के द्वारा तैयार कराया गया था।
लापरवाही से इनकार:- सब-इंजीनियर ने स्पष्ट लिखा है कि उन्होंने बाहरी आवरण का 'हैमर टैप' पर्यवेक्षण कर प्रतिवेदन दिया था और उनके स्तर पर कोई लापरवाही नहीं की गई है।

धरना स्थल से कांग्रेसी नेता विकास सिंह की हुंकार
अटल परिसर में धरने पर बैठे कांग्रेसी नेता विकास सिंह ने सीधे नगर पालिका प्रशासन और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा--
दिखावे की कार्रवाई:- उप अभियंता को निलंबित करना केवल जनता के गुस्से को शांत करने का एक प्रशासनिक ड्रामा है।
असली मगरमच्छ बाहर क्यों?: जब कंक्रीट की मूर्ति का सच CMO तिवारी पहले से जानते थे, तो उन्होंने ठेकेदार मनोज कुमार अग्रवाल का अंतिम भुगतान क्यों पास किया?
आर-पार की लड़ाई:- विकास सिंह ने दो टूक लहजे में कहा, "जब तक इस महाघोटाले के असली सूत्रधार—भ्रष्ट CMO मुद्रिका प्रसाद तिवारी और जालसाज ठेकेदार मनोज कुमार अग्रवाल—पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई और पुलिसिया FIR दर्ज नहीं होती, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा।"❓
पोर्टल के सुलगते सवाल: जनता पूछे प्रशासन सेCMO की कुर्सी सुरक्षित क्यों?:
वित्तीय गबन और बिना भौतिक सत्यापन के लाखों का सरकारी धन लुटाने वाले CMO मुद्रिका प्रसाद तिवारी को अब तक पद से पृथक क्यों नहीं किया गया?
ठेकेदार की ब्लैकलिस्टिंग क्यों नहीं?: कंक्रीट की मूर्ति को ब्रॉन्ज बताकर बेचने वाले ठेकेदार मनोज कुमार अग्रवाल की फर्म को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित क्यों नहीं किया जा रहा?
जनता में पनपा आक्रोश
कांग्रेसी नेता विकास सिंह समेत कटघोरा की जनता का साफ कहना है कि केवल एक सब-इंजीनियर को सस्पेंड कर असली मगरमच्छों (CMO और ठेकेदार) को छुपाने की कोशिशों को बेनकाब किया जाएगा। जब तक नगर पालिका की इस त्रिमूर्ति के बाकी दो बड़े किरदारों पर कठोर कार्यवाही नहीं होती, तब तक कटघोरा की जनता शांत नही रहेगी।
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कोरबा कटघोरा
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