Friday 14th of August 2026

ब्रेकिंग

'अंगद के पैर' की तरह जमे अन्नदाताओं के आगे झुकी कटघोरा नगर पालिका, लिखित वादे के बाद धरना स्थगित

त्रिलोकी पब्लिक स्कूल में आयोजित ''मेरा लहू देश के नाम" रक्तदान शिविर में 47 यूनिट रक्तदान

मूलनिवासी किसान संघ का धरना खत्म नहीं, हक की लड़ाई के लिए मैदान में डटे किसान!

तीसरे दिन ही छूटी नगर पालिका की घिग्घी, नगर अध्यक्ष एल्डरमैन और पार्षदों की फौज दौड़ी धरना स्थल!

अब मूलनिवासी किसान संघ के धरने से छूटे नगर पालिका के पसीने; आर-पार के मूड में जनता!

सुचना

Welcome to the Sharma News, for Advertisement call +91-7879549029

किसानों की हुंकार के आगे नतमस्तक हुआ प्रशासन: : 'अंगद के पैर' की तरह जमे अन्नदाताओं के आगे झुकी कटघोरा नगर पालिका, लिखित वादे के बाद धरना स्थगित

Shubh Arvind Sharma

Fri, Aug 14, 2026

किसानों की हुंकार के आगे नतमस्तक हुआ प्रशासन: 'अंगद के पैर' की तरह जमे अन्नदाताओं के आगे झुकी कटघोरा नगर पालिका, लिखित वादे के बाद धरना स्थगित

कटघोरा। अपनी जायज मांगों को लेकर ईंट से ईंट बजाने पर आमादा मूलनिवासी किसान संघ छत्तीसगढ़ के आक्रामक तेवरों के आगे आखिरकार कटघोरा नगर पालिका प्रशासन को घुटने टेकने ही पड़े। बदहाल नगर व्यवस्था के खिलाफ अंगद के पैर की तरह मोर्चे पर डटे किसानों की 15 अगस्त से होने वाली बेमियादी भूख हड़ताल की चेतावनी ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी। नतीजा यह हुआ कि जो अधिकारी कल तक आंखें मूंदे बैठे थे, वे आज आनन-फानन में लिखित आश्वासन पत्र लेकर खुद किसानों के दर पर पहुंचे। प्रशासन के इस लिखित आवेदन और ठोस कार्रवाई के भरोसे के बाद किसानों ने अपनी तलवारें म्यान में लीं और धरने को फिलहाल स्थगित किया है।

विदित हो कि नगर की दुर्दशा को लेकर मूलनिवासी किसान संघ ने 11 अगस्त से आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया था। चार दिनों तक चले इस ऐतिहासिक धरने के बाद किसानों ने दो टूक कह दिया था कि यदि प्रशासन ने कुंभकर्णी नींद से जागकर सुध नहीं ली, तो स्वतंत्रता दिवस से वे आमरण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। अन्नदाताओं के इस करो या मरो के ऐलान से बेकफुट पर आए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को मजबूरी में लिखित प्रतिवेदन जारी करना पड़ा।

किसानों के डंडे के आगे सीधे हुए जिम्मेदार, इन मांगों पर लगी मुहर:

* सुलभ इंटरनेशनल की आई शामत: वीआईपी बनकर बैठे सुलभ इंटरनेशनल रायपुर की मनमानी पर किसानों ने पानी फेर दिया। न्यू बस स्टैंड के शौचालय में गंदगी और रात में ताला लटकाने की करतूत पर पालिका ने उसे कड़ा नोटिस थमाया है। किसानों के दबाव में अल्टीमेटम दिया गया है कि 3 दिन के भीतर व्यवस्था चकाचक करें, वरना बोरिया-बिस्तर समेटने के लिए तैयार रहें।

* सड़कों से खदेड़े जा रहे आवारा मवेशी: शहर की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे आवारा मवेशियों के मुद्दे पर प्रशासन ने काउ केचर गाड़ियां मैदान में उतार दी हैं। अब मवेशियों को पकड़कर सीधे ग्राम-अमरपुर गौठान की राह दिखाई जा रही है।

* तीसरी आंख की निगरानी में बस स्टैंड: यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ने वाले महकमे ने किसानों की डांट के बाद आनन-फानन में प्रतीक्षालय में सीसीटीवी कैमरे ठोक दिए हैं।

किसानों की दो टूक- 'काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती', वादाखिलाफी हुई तो उखाड़ फेंकेंगे

मूलनिवासी किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री लाल बहादुर सिंह कोराम ने कड़कती आवाज में कहा कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है। प्रशासन यह न भूले कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। अधिकारियों ने जो लिखित कागज थमाया है, उसे अमलीजामा पहनाना ही होगा। यदि तय समय सीमा में काम जमीन पर नहीं दिखा और अफसरों ने टालमटोल की राजनीति की, तो किसान संघ फिर से मुरली बजाने के मूड में नहीं है। अगली बार आंदोलन ऐसा होगा कि प्रशासन संभाल नहीं पाएगा।

Tags :

कोरबा कटघोरा

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें