कटघोरा ब्रेकिंग: : अटल जी की प्रतिमा विवाद में कल दोपहर 12 बजे मचेगा घमासान, विपक्ष का सीधे विरोध का ऐलान!
Shubh Arvind Sharma
Sat, Aug 15, 2026
कटघोरा ब्रेकिंग: अटल जी की प्रतिमा विवाद में कल दोपहर 12 बजे मचेगा घमासान, विपक्ष का सीधे विरोध का ऐलान!
कटघोरा। देश की राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का मुद्दा अब कटघोरा की राजनीति की भेंट चढ़ चुका है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष, विपक्ष और आम जनता के बीच भारी आक्रोश और तनातनी का माहौल देखा जा रहा है। एक तरफ भ्रष्टाचार के आरोपों की अधूरी जांच है, तो दूसरी तरफ 16 अगस्त (अटल स्मृति दिवस) पर होने जा रहे भाजपा के श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर विपक्ष और जनता ने मोर्चा खोल दिया है।
16 अगस्त दोपहर 12:00 बजे 'अटल परिसर' में विरोध की तैयारी; विकास सिंह ने बोला हमला
भाजपा द्वारा जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र के अनुसार, 16 अगस्त को दोपहर ठीक 12:00 बजे कटघोरा के विवादित 'अटल परिसर' में प्रथम कार्यक्रम के तहत श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण का आयोजन तय किया गया है। इसके ठीक बाद दोपहर 12:30 बजे नगर पंचायत छुरी कला के अटल परिसर में द्वितीय कार्यक्रम आयोजित होगा।
भाजपा के इस आधिकारिक प्रोटोकॉल के सार्वजनिक होते ही विपक्ष और कांग्रेस नेता विकास सिंह ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। विकास सिंह ने ऐलान किया है कि वे स्वयं अपने समर्थकों के साथ कल दोपहर 12 बजे कटघोरा के 'अटल परिसर' पहुंचेंगे और इस कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करेंगे।
विपक्ष का आरोप है कि, "एक तरफ भाजपा के अपने ही जिला अध्यक्ष के पत्र के बाद भी कलेक्टर ने कोई ठोस एक्शन नहीं लिया, प्रतिमा के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच अधूरी पड़ी है और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) पर अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसी स्थिति में दोषियों को सजा दिलाने के बजाय उसी विवादित प्रतिमा पर माल्यार्पण का नाटक रचना देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित अटल जी का अपमान है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
विधायक और जिला महामंत्री पर विपक्ष और जनता ने दागे सवाल
इस आधिकारिक आमंत्रण पत्र के सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र के कटघोरा विधायक माननीय श्री प्रेमचंद पटेल जी और भाजपा जिला महामंत्री श्री संजय शर्मा जी सीधे विपक्ष और जनता के निशाने पर आ गए हैं। इस कार्यक्रम में विधायक प्रेमचंद पटेल मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले हैं।
स्थानीय जनता और विपक्षी नेताओं का सीधा आरोप है कि जब कटघोरा की पावन दहलीज पर अटल जी की प्रतिमा का इस कदर अपमान हुआ और भ्रष्टाचार की परतें खुलीं, तो वह शर्मनाक तारीख क्षेत्र के विधायक को याद नहीं रही। जनता के बीच यह सवाल तैर रहा है कि विधायक महोदय को यह याद नहीं है कि इस प्रतिमा में मिलावट की जांच कब शुरू हुई और इस पर क्या एक्शन लिया गया, लेकिन अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 16 अगस्त को दोपहर 12 बजे श्रद्धांजलि कब और कैसे अर्पित करनी है, इसकी तारीख और समय उन्हें बखूबी याद है। विधायक की इस चुनिंदा याददाश्त को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

जिला अध्यक्ष के पत्र पर भी 'हजम' नहीं हो रही प्रशासनिक सुस्ती: जनता में रोष
इस पूरे मामले में एक और तथ्य सामने आया है कि खुद भाजपा के जिला अध्यक्ष ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी।
लेकिन जनता और विपक्ष का कहना है कि इस पत्र के बाद भी प्रशासनिक अमला कछुआ गति से काम कर रहा है। जिला अध्यक्ष की मांग के बावजूद अब तक कोई ऐसी स्पष्ट या ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है जो जनता के गले उतर सके। क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन की इसी 'हजम न होने वाली सुस्ती' और टालमटोल वाले रवैये ने उनके असंतोष को और बढ़ा दिया है।
जांच पर बिलासपुर कार्यपालन अभियंता का बयान: "दोषियों पर होगी कार्रवाई"
इस पूरे सियासी घमासान के बीच प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी को लेकर बिलासपुर नगरीय प्रशासन के कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) का भी बयान आया है। उनके अनुसार, प्रतिमा विवाद को लेकर जांच अभी जारी है और अंतिम जांच रिपोर्ट आना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आते ही जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि विपक्ष ने इस पर भी सवाल उठाया है कि हफ़्तों बीत जाने के बाद भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) या संबंधित ठेकेदार पर अब तक कोई आंच क्यों नहीं आई है।
'श्रद्धांजलि' या राजनीतिक दिखावा? जनता का फूटा गुस्सा
प्रतिमा की निर्माण गुणवत्ता (कांस्य की जगह कथित तौर पर सीमेंट और अन्य मिश्रित धातु का उपयोग) पर अभी तक कोई अंतिम प्रशासनिक रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में जांच के दायरे में आई इस प्रतिमा पर भाजपा नेताओं द्वारा माल्यार्पण करने की कोशिशों को जनता और विपक्ष 'दिखावा' और 'ढोंग' मान रहे हैं।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जो जनप्रतिनिधि अपनी ही पार्टी के जिला अध्यक्ष के पत्र पर त्वरित जांच और कार्रवाई नहीं करा सके, उनका माल्यार्पण करना केवल एक राजनीतिक ड्रामा है। जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है कि महापुरुष के नाम पर पहले कथित भ्रष्टाचार किया गया और अब उनके सम्मान के नाम पर राजनीति की जा रही है।
निष्पक्ष कार्रवाई का इंतजार
कटघोरा की जनता अब खोखले आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। विपक्ष और क्षेत्र के लोगों की मांग है कि विधायक और प्रशासन तारीखों का खेल बंद करें, बिलासपुर अभियंता के आश्वासन के मुताबिक तुरंत जांच पूरी कर CMO की जवाबदेही तय करें। जनता यह साफ देखना चाहती है कि अटल जी की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर कब कठोर कार्यवाही होगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक विपक्ष ने सड़क से लेकर सदन तक इस कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करने का मन बना लिया है।
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कोरबा कटघोरा
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