Friday 17th of April 2026

ब्रेकिंग

स्काउट गाइड की पहल..

फ्री कंप्यूटर क्लासेस शुरू...

कैसा था धीरेंद्र शास्त्री का जीवन ..

"पास" बना विवाद का कारण.! भक्तो को होना पड़ा अपमानित.?

महिला के गले से सोने की चेन पार..

सुचना

Welcome to the Sharma News, for Advertisement call +91-7879549029

: कटघोरा में भ्रष्टाचार की ‘वाटिका’! चौपाटी-पुष्पवाटिका लोकार्पण में भारी घोटाले के आरोप, लागत और धरातल में नहीं है मेल..?

Shubh Arvind Sharma

Fri, Jul 11, 2025
कटघोरा में भ्रष्टाचार की ‘वाटिका’! चौपाटी-पुष्पवाटिका लोकार्पण में भारी घोटाले के आरोप, लागत और धरातल में नहीं है मेल..? कोरबा/कटघोरा। नगर पालिका परिषद कटघोरा द्वारा 10 जुलाई को चौपाटी और पुष्पवाटिका का भव्य लोकार्पण किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, एसडीएम रोहित सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सहित समस्त पार्षदगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। लेकिन यह आयोजन अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जद में है। खनिज न्यास मद से स्वीकृति और धरातल पर अंतर जानकारी के अनुसार, चौपाटी निर्माण के लिए खनिज न्यास मद (DMF) से 25.55 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन लोकार्पण कार्यक्रम में सिर्फ 19.41 लाख रुपये की लागत बताई गई। इसी तरह पुष्पवाटिका के लिए 79.36 लाख रुपये की स्वीकृति थी, पर लोकार्पण कार्यक्रम में 62.69 लाख रुपये का हवाला दिया गया। इन दोनों परियोजनाओं की लागतों में स्पष्टीकरण की कमी और फर्जीवाड़े की बू साफ नजर आ रही है। सवाल उठता है कि बाकी की राशि कहां और कैसे खर्च की गई? धरातल पर कार्य अधूरा, लागत फुल! स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि जो राशि लोकार्पण के मंच से बताई गई, वह कार्यस्थल पर कहीं नजर नहीं आती। पुष्पवाटिका और चौपाटी का निर्माण कार्य गुणवत्ता और परिमाण दोनों ही स्तर पर संदेहास्पद है। नागरिकों ने आरोप लगाए हैं कि कमीशनखोरी के चलते घटिया सामग्री और अधूरा कार्य कर दिया गया है, जबकि राशि का पूर्ण उपयोग दर्शाया गया है। पालिका का ‘खेला’! नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट को भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया। स्थानीय सूत्रों की मानें तो पालिका में बैठे अधिकारियों ने कमीशनखोरी में कोई कसर नहीं छोड़ी और योजनाओं को केवल शो-पीस बनाकर जनता की आंखों में धूल झोंकी है।कथित तौर पर लागत राशि और निर्माण कार्यो का कहि कोई मेल नजर नही आता है। जनता से छलावा, जवाबदेही कौन तय करेगा? नगरवासियों का कहना है कि अगर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो लाखो करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आ सकता है.? उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले की सूक्ष्म जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह सिर्फ पुष्पवाटिका और चौपाटी की कहानी नहीं, यह सिस्टम की उस जड़ तक जाती है, जहां योजनाएं जनता के नाम पर बनाई जाती हैं, लेकिन लाभ किसी और की जेब में चला जाता है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें