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: पोड़ी उपरोड़ा/रामपुर: बेशकीमती शासकीय भूमि पर बेख़ौफ़ जारी है अवैध कब्जा का खेल,प्रशासन बना मूकदर्शक..?

Shubh Arvind Sharma

Tue, Mar 11, 2025
पोड़ी उपरोड़ा/रामपुर: बेशकीमती शासकीय भूमि पर बेख़ौफ़ जारी है अवैध कब्जा का खेल,प्रशासन बना मूकदर्शक..? पोड़ी उपरोड़ा/रामपुर : विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत रामपुर में शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा करने का खेल बेख़ौफ़ जारी है।बड़े पैमाने पर कब्जाधारी पक्का मकान बनाकर बेशकीमती शासकीय भूमि पर कब्जा कर रहे हैं।लेकिन मजाल है यहां सरकार के नोरशाह कार्यवाही करने की हिमाकत कर दे।ऐसा नही है कि प्रशासन को यहां हो रहे कब्जे की जानकारी नही है, उन्हें पूरे माजरे की जानकारी है लेकिन वे कार्यवाही करने के बजाय केवल मूकदर्शक बनकर बैठे हैं।हाल ही में यहां शासकीय भूमि पर दर्जनों मकान बन कर तैयार हो गए हैं लेकिन कोई इनकी सुध लेने वाला नही है। आपको बता दे कि जिला कोरबा के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर में बड़े पैमाने पर शासकीय भूमि मौजूद हैं ,जिस पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बनाने का खेल चल रहा है।प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी यहां हो रहे अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन क्यो मूकदर्शक बना हुआ है यह समझ से परे है.? सूत्र बताते हैं कि ग्राम पंचायत रामपुर अवैध बेजा कब्जे का खेल यहां के तथाकथित नेताओ समेत भू माफियाओ के संरक्षण में जारी है,जो शासकीय भूमि की कीमत तय कर कब्जाधारियों को भूमि बेच कर मोटी रकम हासिल कर रहे हैं।वही इस खेल में सरकार के नोकरशाह भी शामिल बताये जाते हैं,जो ये खेल बेख़ौफ़ तरीके से जारी है। फ़ाइल फ़ोटो हालांकि रामपुर में हो रहे अवैध कब्जे को लेकर कुछ माह पूर्व ग्राम कोटवार ने पोड़ी तहसीलदार के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था,जिस पर तहसीलदार ने संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की थी,लेकिन कुछ कठोर कार्यवाही नही होने के कारण अवैध बेजा कब्जा धारियों के हौसले बुलंद हैं और अवैध कब्जे का खेल रुकने के बजाय निरंतर जारी है।कई दफा तो अवैध कब्जे को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन जाती है जो कभी भी किसी अप्रिय घटना को न्यौता दे सकती है।जानकर बताते हैं कि अगर गांव में हो रहे अवैध कब्जे को लेकर कोई घटना सामने आती है तो उसका जिम्मेदार पूर्ण रूप से शासन प्रशासन को ही माना जायेगा,दरअसल शासन को जानकारी होने के बाद भी वह बेजा कब्जा के खेल को रोकने में नाकाम है। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी भी सामने आई है कि गांव के कुछ दबंग लोग इस खेल सामिल है जिनके इशारों पर बेख़ौफ़ रूप से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा हो रहा है।ये लोग कब्जा धारियों को जमीन चिन्हाकित कर मोटी रकम लेकर कब्जा करने की इजाजत दे देते हैं।गौरतलब है कि हाल ही में यहां लिथियम पाए जाने की खबर भी है, लिहाजा मुआवजा की चाह में रसूखदार बड़े पैमाने पर यहां शासकीय भूमि पर नजर बनाए हुए हैं।वे गाँव के प्रभावशाली लोगों से सांठगांठ कर शासकीय भूमि पर कब्जा कर रहे हैं।लेकिन शासन प्रशासन यहाँ हो रहे अवैध कब्जे को लेकर मूकदर्शक क्यो बना हुआ है यह समझ से परे है.? कही इस खेल में सरकार के नोकरशाहो की मिलीभगत तो नही..? जो कार्यवाही करने बजाय अवैध कब्जे को लेकर तमाशबीन बने बैठे हैं.?

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