: -- 82 लाख की बंदरबांट! चौपाटी-पुष्पवाटिका घोटाले ने खोली कटघोरा नगर पालिका के भ्रष्टाचार की परतें, RTI लगते ही हिल गया पूरा सिस्टम
Shubh Arvind Sharma
Mon, Jul 14, 2025
-- 82 लाख की बंदरबांट! चौपाटी-पुष्पवाटिका घोटाले ने खोली कटघोरा नगर पालिका के भ्रष्टाचार की परतें, RTI लगते ही हिल गया पूरा सिस्टम
कटघोरा नगर पालिका एक बार फिर जनता के सवालों के कठघरे में है, और इस बार मामला बेहद गंभीर है। डीएमएफ मद से चौपाटी के लिए 19.41 लाख और पुष्पवाटिका के लिए 62.69 लाख रुपए खर्च किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन ज़मीनी हकीकत इन आंकड़ों की धज्जियां उड़ा रही है। न तो निर्माण की गुणवत्ता नजर आ रही है, न ही वहां इतना कार्य दिख रहा है, जितनी मोटी रकम खर्च कर दी गई।
स्थानीय पत्रकार विक्की नागपाल द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी ने नगर पालिका कार्यालय और ठेकेदारों में हलचल मचा दी है। जैसे ही RTI दाखिल हुई, वैसे ही पालिका के गलियारों में बेचैनी और ठेकेदारों में घबराहट की लहर दौड़ गई। जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं और ठेकेदार सफाई देने की बजाय बचने के रास्ते तलाश रहे हैं।
जनता के धन पर खुलेआम डाका डाला गया है और अब जब परतें खुलने लगी हैं, तो सभी संबंधितों की साँसें अटकी हुई हैं। नगर पालिका को शायद यह गलतफहमी हो गई थी कि कटघोरा की जनता चुप रहेगी और वे करोड़ों का खेल यूँ ही खेलते रहेंगे। लेकिन इस बार मामला उलटा पड़ गया है। RTI लगते ही पालिका के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सवालों से घिर गए हैं और सच्चाई से भागते नजर आ रहे हैं।
नगर में चर्चा है कि चौपाटी और पुष्पवाटिका में खर्च हुई भारी भरकम राशि केवल कागजों में दर्ज है, जबकि जमीन पर उसका नामोनिशान भी मुश्किल से नजर आता है। यह घोटाला सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं लगता, बल्कि यह पूरे सिस्टम में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की गवाही दे रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे रखेगा या दोषियों पर कार्रवाई की कोई ठोस पहल करेगा। जनता सब देख रही है, और अब इंतजार कर रही है उस दिन का जब कटघोरा की सड़कों पर गूंजेगा – "घोटालेबाजों का पर्दाफाश हुआ!"
स्थानीय पत्रकार विक्की नागपाल द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी ने नगर पालिका कार्यालय और ठेकेदारों में हलचल मचा दी है। जैसे ही RTI दाखिल हुई, वैसे ही पालिका के गलियारों में बेचैनी और ठेकेदारों में घबराहट की लहर दौड़ गई। जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं और ठेकेदार सफाई देने की बजाय बचने के रास्ते तलाश रहे हैं।
जनता के धन पर खुलेआम डाका डाला गया है और अब जब परतें खुलने लगी हैं, तो सभी संबंधितों की साँसें अटकी हुई हैं। नगर पालिका को शायद यह गलतफहमी हो गई थी कि कटघोरा की जनता चुप रहेगी और वे करोड़ों का खेल यूँ ही खेलते रहेंगे। लेकिन इस बार मामला उलटा पड़ गया है। RTI लगते ही पालिका के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सवालों से घिर गए हैं और सच्चाई से भागते नजर आ रहे हैं।
नगर में चर्चा है कि चौपाटी और पुष्पवाटिका में खर्च हुई भारी भरकम राशि केवल कागजों में दर्ज है, जबकि जमीन पर उसका नामोनिशान भी मुश्किल से नजर आता है। यह घोटाला सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं लगता, बल्कि यह पूरे सिस्टम में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की गवाही दे रहा है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे रखेगा या दोषियों पर कार्रवाई की कोई ठोस पहल करेगा। जनता सब देख रही है, और अब इंतजार कर रही है उस दिन का जब कटघोरा की सड़कों पर गूंजेगा – "घोटालेबाजों का पर्दाफाश हुआ!"Tags :
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